शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर परिवार से बदसलूकी; पहले समागम से बाहर निकाला, बाद में मंत्रियों ने मंच पर किया सम्मानित

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शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर परिवार से बदसलूकी; पहले समागम से बाहर निकाला, बाद में मंत्रियों ने मंच पर किया सम्मानित

सुनाम (संगरूर). शहीद ऊधम सिंह के 79वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समागम में पहुंचे शहीद के वारिसों को पहले समागम से बाहर निकाल दिया गया। जब हंगामा हुआ तो मंच पर बिठाकर सम्मान दे दिया। सरकार के इस रवैये से वारिसों में रोष है। मंगलवार को पंजाब सरकार की ओर से सुनाम में राज्यस्तरीय समागम करवाया गया। समागम के दौरान शहीद ऊधम सिंह के वारिसों को सम्मानित किया जाना था। इनमें शहीद के भांजे स्वर्गीय बच्चन सिंह के बेटे जीत सिंह को भी सरकारी तौर पर न्योता दिया गया था।

जीत सिंह का बेटा जगा सिंह अपने बुजुर्ग व बीमार पिता को समागम में लेकर पहुंचा तो गेट पर पुलिसवालों ने रोक दिया। कहा, पास केवल पिता के नाम है, बेटे के पास नहीं है। उन्होंने काफी देर पुलिसवालों को समझाया कि बेटे के लिए एसडीएम से इजाजत ले ली है लेकिन फिर भी उन्हें गेट से निकाल दिया गया। 15 मिनट तक जगा सिंह अपने बुजुर्ग और बीमार पिता जीत सिंह को लेकर धूप में खड़ा रहा। मामला बढ़ने पर एसडीएम के आदेश के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया। इसके बाद दोनों काे मंच पर स्थान दिया गया और जीत सिंह को मंत्रियों ने सम्मानित किया।

15 मिनट तक बीमार बुजुर्ग रिश्तेदार को धूप में खड़ा रखा:अपने पिता को लेकर धूप में खड़े जगा सिंह ने बताया कि पुलिस ने बाहर कर दिया है। पिता के पेट में पथरी है, जिससे दर्द रहता है। ऐसे में उसका साथ जाना जरूरी है। इसके लिए पहले ही एसडीएम ने इजाजत दे दी थी।

शहीद के वारिसों को सम्मानित करती आई है सरकार:13 मार्च 1940 को लंदन में माइकल ओ डायर की हत्या करने पर सुनाम में जन्मे शहीद ऊधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को फांसी दे दी गई थी। सरकारें शहीदी पर्व पर शहीद के वारिसों को सम्मानित करती आई है। कांग्रेस सरकार ने तो शहीद के वारिसों को नौकरी तक दी है।

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