डीजीपी की चेतावनी-जिसके इलाके में नशा बिका, उस अफसर की खैर नहीं

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डीजीपी की चेतावनी-जिसके इलाके में नशा बिका, उस अफसर की खैर नहीं

चंडीगढ़.डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने क्षेत्रीय अफसरों को साफ कर दिया है कि अगर उनके अधिकार क्षेत्र में नशा तस्करी हुई तो उसके लिए वे ही जवाबदेह होंगे। वे शुक्रवार को पुलिस अकादमी फिल्लौर में एसएसपीज, सीपी, आईजी व डीअाईजी रेंज समेत अन्य सीनियर पुलिस अधिकारियों की राज्य में मौजूदा सुरक्षा हालातों का जायजा लेने के लिए बुलाई गई मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मीटिंग का मुख्य एजेंडा राज्य विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को भड़काना, नशा तस्करों और गैगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई था। मीटिंग में उन्होंने अफसरों को उनके अधिकार क्षेत्रों में नशे की सप्लाई लाइनों को खत्म करने को यकीनी बनाने की सख्त निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस मामले में किसी तरह की भी ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नशे के खिलाफ लोगों को एकजुट कर एक जागरुकता मुहिम शुरू करने के लिए भी कहा। इसमें गैर सरकारी संस्थाएंं (एनजीओ), सिविल सोसायटी के अधिकारी, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा नौजवानों को भी शामिल करने के लिए कहा गया।

नशे से नौजवान मर रहे हैं, सरकार तस्करों पर सख्त कार्रवाई करे : जत्थेदार

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पंजाब सरकार की ओर से जोधपुर के नजरबंदों को मुआवजा दिए जाने की प्रशंसा करते हुए नशे की लाहनत को भी खत्म करने को कहा है। उन्होंने कहा कि नशे के चलते हर दिन नौजवान मौत के मुंह में जा रहे हैं। सरकार इस मामले में बुरी तरह फेल हुई है। जिन्होंने नशे को रोकने का काम करना है वही इसके सौदागर बनकर नौजवान पीढ़ी को तबाही के रास्ते पर लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेप के मामलों में भी ऐसे लोगों की ही भूमिका नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को नशे का धंधा करने वालों के साथ सख्ती से निपटना चाहिए चाहे वह किसी भी ओहदे पर हों। जत्थेदार ने पंचायतों व अन्य संस्थाओं को भी कहा है कि अपने अपने इलाके में नशे की रोकथाम के लिए काम करें। यह सुनिश्चित करें कि एरिया में नशे का धंधा करने वाले न आ पाएं। इसके लिए सरकार आैर पुलिस प्रशासन को भी खास ध्यान देने की जरूरत है।

युवाओं को समझाएं, अलगाववादियों से न जुड़ें

अलगाववादी और आतंकवादी ग्रुपों की गतिविधियों का जायजा लेते हुए पुलिस प्रमुख ने क्षेत्रीय अफसरों को आदेश दिए कि वे युवाओं को अलगाववादी ग्रुपों की देश-विरोधी गतिविधिओं संबंधी बताएं ताकि वे उनसे ने जुड़ें। इसके अलावा उन्होंने देश विरोधी संगठनों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर खास नजर रखने को कहा। साथ ही कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाए। पुलिस प्रमुख ने राष्ट्रीय एमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था लागू करने संबंधी हुई प्रगति का भी जायजा लिया। इसे सीडैक के द्वारा लागू किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने पर किसी भी विपरीत स्थिति का पता लगने पर पुलिस द्वारा एक्शन लेने में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा और पुलिस तंत्र तुरंत हरकत में आ जाएगा। मीटिंग में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हरदीप सिंह ढिल्लों, दिनकर गुप्ता, एमके तिवाड़ी, प्रबोध कुमार और ईश्वर सिंहके अलावा अन्य सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।

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