नीरव मोदी मामले में गड़बढ़झाला : खत्म होने से पहले दूसरा पासपोर्ट जारी कर दिया

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नीरव मोदी मामले में गड़बढ़झाला : खत्म होने से पहले दूसरा पासपोर्ट जारी कर दिया

मुंबई:  भारतीय बैंकों के साथ 13,000 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड करके भगौड़ा हो चुका हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासा में पता चला हैं कि नीरव मोदी के पास कम से कम आधे दर्जन पासपोर्ट हैं। जांच एजेंसी को पता चला है कि मुंबई की रीज़नल पासपोर्ट ऑफिस ने नीरव मोदी को ‘डुअल’ यानी दो पासपोर्ट दे दिए थे। खबर के मुताबिक,नीरव मोदी के 5 पासपोर्ट की वैलिडिटी खत्म हो गई थी,जिसके बदले रीज़नल पासपोर्ट ऑफिस ने उन्हें पांच नए पासपोर्ट दे दिए,लेकिन उसका छठा पासपोर्ट खत्म नहीं हुआ था,हालांकि इसके बावजूद नीरव मोदी को एक नया पासपोर्ट दे दिया गया। पहला पासपोर्ट 8 मई 2008 को जारी किया गया था और 7 मई 2018 तक वो वैध था।
लेकिन इसके बावजूद पासपोर्ट ऑफिस ने 9 मई 2017 को एक और पासपोर्ट जारी कर दिया। इस पासपोर्ट की वैलिडिटी 8 मई 2027 तक है। कानूनी तौर पर दूसरा पासपोर्ट तभी दिया जाता है जब पहला खत्म हो जाए। लेकिन इस मामले में दूसरा पासपोर्ट एडवांस में जारी कर दिया गया। जिसके बाद साफ हो जाता हैं कि पासपोर्ट मामले में नियमों की अनदेखी की गई है।
बात दे कि नीरव मोदी 13,000 करोड़ के पीएनबी घोटाले के आरोपी है। पासपोर्ट रद्द होने के बावजूद वो लगातार एक देश से दूसरे देश भाग रहे हैं। पिछले दिनों भारतीय खुफिया एजेंसियों को पता चला था कि वो बेल्जियम में है। कहा जा रहा है कि नीरव मोदी का 6 में से 2 पासपोर्ट अभी भी काम कर रहा है, जबकि बाक़ी के चार पासपोर्ट काम नहीं कर रहा है। एक पासपोर्ट पर मोदी का पूरा नाम है, जबकि दूसरे पासपोर्ट पर उसका सिर्फ पहला नाम लिखा है। इसी पासपोर्ट पर पर मोदी को 40 महीने का ब्रिटेन का वीजा मिला हुआ है। सरकार ने मोदी के पासपोर्ट रद्द कर दिए थे, लेकिन शायद इसी पासपोर्ट पर वो अलग-अलग देशों की यात्रा कर रहा है।
सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने विदेश मामलों के मंत्रालय के जरिये इंटरपोल को मोदी के दो रद्द पासपोर्टों के बारे में बताया है। लेकिन ऐसा लगता है कि एक समान अंतरराष्ट्रीय तंत्र की गैरमौजूदगी में, दस्तावेजों की कानूनी रोकथाम अलग-अलग देशों में ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है और नीरव मोदी अलग-अलग देशों की यात्रा लगातार कर रहे हैं।
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