मशहूर

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मशहूर

हम वक्त के हाथों मजबूर हो जाते है ,
ना चाहते हुए अपनों से दूर हो जाते है ।

पानी को पानी से जुदा कर के आग लगा दे,
जब अपने ही गैरों के जी हजूर हो जाते है ।

पता नहीं क्यों पहले की तरह नहीं रहे वो ,
दौलत से शरीफ भी मगरूर हो जाते है ।

सुख से रह तू मेरे चाँद अपने चाँद के साथ,
बूढ़ापे में जाकर माँ बाप फकीर हो जाते है ।

गलत फहमी से फासले बढ़ते हैं रिस्तों में,
दिलों के करीब बसने वाले भी दूर हो जाते हैं।

कुछ कार्य अनजाने में ऐसे हो जाते है,
कुमार खोटे सिक्के भी मशहूर हो जाते है ।

कुमार अंगराल
युनीक ऐवीन्यु काहनुवान रोड
बटाला 143505

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