हर पल

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हर पल

सागर से मिल कर भी प्यास है  ,
बिछड़ने पर भी अजीबआस है ।

तेरे पास  आने  में  सकून  में हूँ ,
मेरे तन  में  तेरी जगह खास है।

दारू  है  दरदमंदों   के   लिए,
तेरा  नाम  ही  इतना  खास है ।

इतना  मोह  है  तुझे बच्चों से,
मां  बन   कर   उनके  पास है ।

बेटी  की  दात   देता  है  उन्हें,
मनुष्य तेरा जो अति  खास है ।

अकेला  नहीं  कुमार  कहीं भी,
तू हर  पल  मेरे  आस  पास है ।

कुमार अंगराल
युनीक ऐवीन्यु काहनुवान रोड
बटाला, 143505

 
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