साजन

ss1

 साजन

घटाएं  छाईं  है  मेरे  साजन  कैसे  आएंगे,
हवाएं  कहती  है  और  कहाँ  पर  जाएंगे।

वादा किया है आने का जो उन्होंने मुझसे,
मुझे यकीन है खुदा वो अवश्य निभाएंगे ।

आज नहीं रोक सकती क्यामत भी उनको,
मुझे अपने इश्क पर गरूर है जरूर आएंगे।

मैं सज्ज संवर कर बैठी हूँ ए जाने  जिगर,
कितनी मुहब्बत है दिल खोल के सुनाएंगेे ।

मुसीबतों का पुराना रिश्ता है उनके साथ,
निकल के अपने हुनर से ‘कुमार’ आएंगे ।
  कुमार अंगराल
युनीक ऐवीन्यु काहनुवान रोड

बटाला  143505

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *