शादी के 12 साल बाद कड़ी मेहनत के साथ सिद्धू जोड़ी ने सिंगापुर वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन में जीता गोल्ड मेडल 

शादी के 12 साल बाद कड़ी मेहनत के साथ सिद्धू जोड़ी ने सिंगापुर वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन में जीता गोल्ड मेडल

बिना किसी सरकारी मदद और सहायता से ₹2 लाख हर महीना खर्च करके यह मुकाम किया हासिल सरकार से नौकरी व आर्थिक मदद करने की अपील

मोहाली (गुरनाम सागर): अगर हम मेहनत और लगन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की ठान लेते हैं तो वह लक्ष्य खुद ब खुद चलकर हमारे कदमों में आ जाता है ऐसी ही मिसाल पेश की है मोहाली के रहने वाले सिद्धू दंपति ने शादी के 12 साल बाद लखबीर सिंह सिद्धू और कुलविंदर कौर सिद्धू जो के मोहाली के साथ लगते गांव सीअउ के रहने वाले हैं उन दोनों ने बिना किसी मदद की अपनी मेहनत और लगन के चलते सिंगापुर में हुई वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन चैंपियनशिप में दोनों ने इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीता है इस चैंपियनशिप में 41 देशों के लोगों ने हिस्सा लिया था जिस में सभी को अपनी-अपनी स्पर्धाओं में हराकर सिद्धू दंपति ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए ।
लखबीर सिंह सिद्धू ने 5 फुट 8 इंच फिटनेस में गोल्ड मेडल जीता है और उनकी पत्नी कुलविंदर कौर सिद्धू ने फिजिक और क्लासिक में गोल्ड मेडल जीते हैं दोनों सिद्धू पति पत्नी जिनके दिल में मलाल था कि वह कॉलेज में यह कामयाबी हासिल करेंगे लेकिन घरेलू मजबूरियों के चलते कॉलेज नहीं जा पाए और शादी होने के 12 साल बाद उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है
लखबीर सिंह सिद्धू और कुलविंदर कौर सिद्धू ने बताया कि उन्होंने ऐसा शरीर बनाने के लिए 6 से लेकर 10 घंटे तक जिम में वर्कआउट किया है और उनका 1 महीने का खर्चा दो लाख के करीब है जिनमें उनकी डाइट और बहुत सारे प्रोडक्ट शामिल है जिसकी बदौलत कड़ी मेहनत करके उन्होंने ऐसा बढ़िया शरीर बनाया है यहां पर यह भी बताने वाली बात है कि शादी के 12 साल बाद और अपने 10 साल बच्चे की देखरेख करते हुए यह मुकाम हासिल करना उनके लिए बहुत ही चुनौती वाला काम था लेकिन फिर भी दोनों ने कड़ी मेहनत और लगन के साथ इस मुकाम को हासिल किया सिद्धू दंपति ने यह भी बताया कि उनको ऐसा शरीर बनाने और इस तरह की मेहनत और लगन की चटक लगाने के लिए उनके कोच गुरसेवक सिंह साबी और गोल्ड जिम के मालिक सुखविंदर सिंह खटरा और हेड कोच नांदलाल जस्सा का भी बहुत बड़ा योगदान है
लखबीर सिंह सिद्धू और कुलविंदर कौर सिद्धू ने यह भी बताया कि जहां पर वह इतनी मेहनत करते हैं और देश के लिए मेडल जीतकर लाए हैं वहां पर पंजाब सरकार या केंद्र सरकार की तरफ से उनको अभी तक कोई आर्थिक मदद या किसी भी तरह का प्रोत्साहन नहीं दिया गया जबकि जिम के मालिक ने पिछले कई महीनों से उनसे वहां पर आने के लिए और एक्सरसाइज करने के लिए कोई भी फीस नहीं ली है उनका यह भी कहना है कि जैसे बाकी गेमों के लिए मेडल जीतकर लाए लोगों का सरकार द्वारा मान-सम्मान और सरकारी नौकरी दी जाती है हमें भी वैसी ही सरकारी नौकरी और मान सम्मान देना चाहिए ।
वैसे तो पंजाब सरकार युवाओं को नशे से दूर करने के लिए युवाओं को खेलों के प्रति उत्साहित करने के लिए बड़े-बड़े सेमिनार ओं का आयोजन करती है पर वही दूसरी तरफ जो युवा खेलों में इतने बड़े मुकाम हासिल कर चुके हैं उनको किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता देने के लिए उन तक नहीं पहुंच पाती|
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