Fri. Dec 6th, 2019

पंजाबी सिनेमा आंगण में फिर बिखरे खोई पंजाबीयत के रंग

पंजाबी सिनेमा आंगण में फिर बिखरे खोई पंजाबीयत के रंग

पंंजाबी सिनेमा के सुनहरे रहे अतीत पश्चात जट्टवाद फिल्मों के चरम पर पहुंचे दौर दौरान अचानक गहराएं काले बादल पंजाबी सिनेमा को भी ऐसा अंधेरा दे गएं,जिसके छटने के आसार ना के बराबर थे, लेकिन तभी वरिष्ठ निर्देशक मनमोहन सिंह ऐसे मसीहा बन पंजाबी फिल्म इंडस्ट्ी में अवरतित हुएं , जिन्होनें जहां इस सिनेमा आंगण में छाई वीरानीयत को दूर किया , वही पंजाबीयत के रंगों से भी इसेे लबरेज कर दिया । पंजाबी सिनेमा के लिएं जी आयां नूं, असां नूं मान वतनां दा, दिल अपना पंजाबी, मिट्टी वाजा मांरदी जैसी बेहतरीन फिल्मज का निर्देशक कर इसे पृर्न मजबूती दे गएं मन जी की सराहनिएं कोशिशों की बदौलत आज पंजाबी सिनेमा आंगण में खोई पंजाबीयत के रंग फिर चारों और बिखरे नजर आ रहे है। अंतराष्ट्ीय स्तर पर भव्य मार्केट के तौर पर अभरते जा रहे पंजाबी सिनेमा में हालिया समय अंग्रेज, बंबूकाट , रब्ब दा रेडियो , अरदास , लव पंजाब , लाहौरिएं , सज्जन सिंह रंगरूट जैसी ऐसी कई फिल्मज सामने आई है, जिन्होनें इस सिनेमा को विलक्षण पहचान देने के साथ साथ पंजाबीयत का परचम दुनियाभर में फहराने में भी अहम भूमिका निभाई है। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्ी को शानदार स्वरूप देने में अहम योगदान डाल रही पंजाबी वांनगियों से ओत पोत फिल्मज का निर्माण , निर्देशक करने में लगातार अग्रणी योगदान डाल रही इस सिनेमा की हस्तियों व आने वाली ऐसी ही फिल्मज पर डालते है एक नजर:
दिलजीत दोसांझ-जट्ट एंड जूलियट सीरीजं , डिस्को सिंंह,मुख्तयार सिंह जैसी फामूला -रोमांटिक फिल्मज द्वारा पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार बने दिलजीत निर्देशक अनुराग सिंह की पंजाब 1984 से ऐसे नायक बन अभरे है, जिन्होने इस सिनेमा को गंभीर व प्रभावी रूप दे एकदम से ही सुनहरी अध्याय की ओर बढने का हकदार बना दिया है। पंजाब से ले कर सात सुमंदर पार तक दर्शको की आंखे नम कर गई इस फिल्म के बाद पंजाबी सिनेमा का यह सितारा सज्जन सिंह रंगरूट जैसा एक और ऐसा मजुसमा पंजाबी सिनेमा की झोली डाल गया है , जो इस सिनेमा के शानदार हो चुके स्वरूप को और चांर चाँद लगा रहा है।
समीप कंग -पंजाबी सिनेमा की अग्रणी व सफलतम हस्तियों में अपना शुमार करवाते समीप कंग ऐसे मंझे निर्देशक के तौर पर अपना शुमार करवा रहे है, जिन्होने इस सिनेमा को आपार सफलता का स्वाद चखाने में अग्रणी भूमिका तो निभाई ही है, साथ ही कैरी आन जट्टा, डबल दी ट्ब्ल ,विसाखी लिस्ट के बाद हालिया लावें फेरे इत्यादि हास्यरस भरपूर फिल्मज का प्रभावी निर्देशन कर अपनी उम्दा निर्देशन श्रमता का भी लोहा मनवाया है। पंजाबी सिनेमा के लिएं लगातार दिलचस्प फिल्मज का निर्देशन कर रहे यह स्र्वगुण निर्देशक कैरी आन जट्टा 2 व वधाईयां जी वधाईयां द्वारा और नएं सिनेमा मापदंड सृजने की और अग्रसर हो चुके है।
जिम्मी शेरगिल-सराहना की जानी बनती है हिंदी सिनेमा के इस वरिष्ठ अभिनेता की जो बालीवुड के बेहद बिजी शेडयूल व बडी फिल्मज आफर्ज होने के बावजूद अपनी मातृ भाषा सिनेमा को भी विशेष तरजीह देने में प्रमुखता से लगातार अहम योगदान डाल रहे है। पंजाबी सिनेमा के लिएं तेरा मेरा की रिश्ता, यारां नाल बहारां , शरीक और हालिया दाना पानी जैसी बेहरीन फिल्मज कर चुके यह प्रतिभाशाली अभिनेता ऐसे अभिनेता के तौर पर भी उभरे है, जिन्होने कभी निर्मातागण पर बेजरूरी बोझ डालने की सोच नही अपनाई औँर यही कारण है कि निर्माता-निर्देशक बार बार उन्हें अपनी फिल्मज का हिस्सा बनाने मेें अथाह खुशी व गर्व महसूस करते है।
गिप्पी ग्रेवाल- कैरी आन जट्टा, जट् जेम्ज बाँड जैसी काँमेडी , एकशन फिल्मज द्वारा टाप स्टार बने गिप्पी ग्रेवाल अब पंजाबी सिनेमा का स्वरूप गलोबल व सराहनिएं बनाने मेंं अहम भूमिका निभा रहे है, जिन्होने अपनी मां बोली प्रति निभाएं जा रहे इन्हीं फर्जो का इजहार अरदास का निर्देशन ,मंजे बिस्तरे का निर्माण एवमंं हालिया सूबेदार जोगेद्र सिंह में उकृष्ट अभिनय कर भलीभांत करवा दिया है।
अंबरदीप सिंह -पंजाबी सिनेमा को मौजूदा शानदार नकश देने का श्रेष्य असल मायनोंंंं में किसी को जाता है तो वह है युवा लेखक अंबरदीप , जो अब आपार कामयाबी हासिल करने वाली लोंग लांची द्वारा बतौर नायक व निर्देशक भी अपनी सुनहरी पारी का आगाज कर चुके है। गोरियां नूं दफा करो, अंग्रेज, लव पंजाब , लाहौरिएं जैसी नायाब व भावपूर्ण फिल्मज का लेखन करने वाले इस होनहार शख्श ने पंजाबी सिनेमा स्क्रीन पर पुरातन पंजाब को जीवंंत कर जहां भरपूर सराहना अपनी झोली डाली है, वही कामयाबी के भी नएं आयाम तय कर अपनी बहुआयामी प्रतिभाओं का लोहा मनवाया है। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्ी की टाँपमोस्ट शख्सियत के तौर पर अपना शुमार करवाने वाले यह प्रतिभाशाली लेखक निर्देशक जल्द अमरिंंदर गिल के साथ अपने नएं प्रोजोकट की शुरूआत करने जा रहे है।
जस ग्रेवाल- जट्ट जेम्ज बाँड जैसी थ्रिलर ,एकशन फिल्मज का लेखन कर पंजाबी सिनेमा में एकदम अभरे युवा लेखक जस ग्रेवाल आज इस सिनेमा के उच्च व काबिल कहानीकार के तौर पर अपना शुमार करवा रहे है। हालिया समय पंजाबी सिनेमा का सफल हिस्सा हो सामने आई बंबूकाट , रब्ब दा रोडियो, दाना पानी इत्यादि इस लेखक की ऐसी शानदार फिल्मज है, जिन्होने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्ी का रूतबा बुलंद करने साथ साथ पंजाबीयत की भी विस्तृत हो रही नीवं को और मजबूती दी है।
नरेश कथूरियां-गैरम्यारी हास्य को म्यारी मापदंड देने वाले पंजाबी फिल्म इंडस्ट्ी के अग्रणी लेखकों में शामिल है नरेश कथूरियांं , जो बहुत ही जहीन लेखक होने के साथ ऐसे इंसान भी है, जिन्होने सफलता का शिखर छूह भी विनम्रता का दामन कभी नही छोडा और पांव हमेशा जमीन पर टिका कर रखे हुएं है । पंजाबी सिनेमा के लिएं कैरी आन जट्टा, लक्की दी अन्नलक्की स्टोरी, मिस्टर एंड मिसिज 420, देख वाराता चल्लियां जैसी दिलचस्प व एकसार बंधी हुई प्रभावी फिल्मज का लेखन कर चुके यह लेखक इन दिनोंं , मिस्टर एंड मिसिज 420-2 के अलावा जैसी ऐसी कई बडी फिल्मज लिखने में बिजी है, निर्माण पडाव दौरान से ही चर्चा का विषय बनी हुई है।
धीरज रतन-हालिया दिनों रिलीज हुई और सफलता के नएं कीर्तिमान स्थापित कर रही गोलक , बुगनी , बैंक ते बटूया लिखने वाले धीरज रतन पंजाबी सिनेमा के ऐसे बेहतरीन लेखक है, जिन्होनें हास्य के साथ साथ शरीक जैसी गंभीर फिल्म लिख अपनी बहुकाबलियत का बाखूबी इजहार दर्शको को करवाया है। पंजाबी सिनेमा के लिएं मेल करादे रब्बा , जिहने मेरा दिल लुटिया , जट्ट एंड जूलियट, जट्ट एंड जूलियट -2, सरदार जी -2 के अलावा अन्य कई सफलतम फिल्मज का लेखन कर चुके धीरज हिंदी सिनेमा मेें भी कामयाब सफर तय करने की और बढ चुके है।
अमरिंदर गिल – तडक भडक से कोसो दूर रह, किसी ग्रामीण व किसान युवक की तरह लगने वाला अमरिंदर पंजाबी सिनेमा का ऐसा नायक बन सामने आया है, जो स्टार नही , अपना लगता है, जिसकी मिठास भरपूर साधारन शब्दावली , बोलचाल आज हर युवक चाहे वह शहरी हो यां गांव को अपनी लगनी लगी है और यही गुण व रियलस्टिक अदाकारी इस प्रतिभावान गायक -अभिनेता को इस सिनेमा का अग्रणी श्रेणी नायक बनाने का कारण बने है।

कारज गिल-पंजाबी सिनेमा स्क्र्रीन को पंजाबीयत के रंगों सरोसार करने में युवा निर्माता व अमरिंदर गिल की होम प्रोडेकशन कंपनी रिदम ब्यााइज का संचालन कर रहे कारज गिल का योगदान भी उल्लेखनिएं है, जिन्होंने निर्माता के तौर कर्मशियल सिनेमा को अपनाने की बजाएं हमेशा ऐसी फिल्मज को बनाने में पहलकदमी की है, जो पंजाबी रीति रिवाजों का प्रसार करने के साथ साथ युवा पीढी को असल जडों से जोडने में भी प्रशंसनिएं योगदान डाल रही है।

आने वाली ऐसी पंजाबी फिल्मज जो पुराने पंजाब को करेगी प्रभावी प्रतिबिंब- पंजाबीयत
वड्डा कलाकार – अलफाज -रूपी गिल स्टारर 1990 दशक आधारित इस फिल्म निर्देशक हिंदी सिनेमा के मंझे हुएं निर्देशक व सफल एड फिल्ममेकर कुलदीप कौशिक कर रहे है। जबकि निर्माण पारूल फिल्मज व रैड कैसल फिल्मज द्वारा किया जा रहा है।
आटे की चिडी-अमृत मान- नीरू बाजवा स्टारर इस पंजाबीयत तर्जमानी करती फिल्म का निर्देशन रब्ब दा रेडिया , सरदार महुम्मद इत्यादि प्रभावपूर्ण फिल्मज का निर्देशन कर चुके युवा व प्रतिभाव हैरी भट्ट्ी कर रहे है ।
परोहना- कुलविंदर बिल्ला व वामिबा गब्बी की मुख्य भूमिकाओं से सजी इस फिल्मज में ग्रामीण परिवेश का अभिन्न अंग माने जाते परोहनों की महत्ता व पंजाबी रंगों घुलती उनकी खट्टी मिट्टी मिठास को केंद्र बिदू बनाया जा रहा है।

परमजीत फरीदकोट
मुम्बई
9855820713

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