कुदरत

कुदरत

एक समय था जब समय पर सर्दी , समय पर गर्मी तथा समय पर बरसात होती थी I सभी प्रकार का जीवन कुदरत पर निर्भर करता था I  जैसे जैसे मानव ने तर्रकी की है वैसे वैसे ही मानव और कुदरत का रिश्ता कमजोर होता रहा है I  इंसान ने आपने लालच के कारन कुदरत के साथ बुरा व्यवहार शुरू कर दिया  I          मनुष्य के लालच भरे कामो के चलते पर्यावरण के तापमान में एक बड़ा परिवर्तन आया जिसे जलवायु परिवर्तन कहा जाता है I मनुष्य ने लगातार जंगलो की की कटाई करके कुदरत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ किया है I  उसके बाद जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करके इस जख़्म को और गहरा किया I बाकी कसर धुआं और गंदा पानी छोड़ रहे कारखानों ने पूरी कर दी I लगातार बढ़ती हुई कार्बन डाइऑक्साइड और ग्रीन हाउस प्रभाव पैदा करने वाली गैसे सूरज की किरणों को धरती पर रोक कर रखती है जिस से धरती का तापमान बढ़ रहा है I पृथ्वी का बढ़ता हुआ तापमान हर प्रकार के जीवन को प्रभावित करता है I जलवायु परिवर्तन ने आज इतना भयानक रूप कर लिया है की इसके कारन पूरी पृथ्वी पर ही संकट घिर गया है I दुनिया भर की खोज संगठन और वैज्ञानिक  जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे है I IPCC (INTERGOVERNMENTAL PANEL ON CLIMATE CHANGE ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व के बढ़ते हुए तापमान के कारण बड़े स्तर पर बाढ़ आएँगी जिस बड़े स्तर पर जान माल की हानि होगी I IPCC की एक और रिपोर्ट के  मुताबिक पृथ्वी  के तापमान बढ़ने से इस सदी के अंत तक समुंदरों के पानी का स्तर 7  से 23 इंच तक बढ़ जाएगा I जो की पूरी मानव जाती के लिए खतरे के घंटी है I जानकारों का मानना है की पृथ्वी  का तापमान 1 .5 से 2 .5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने पर पृथ्वी पर रहने वाली 30 % जानवरो और पोधो की

नसले  हमें अलबिदा कह जाएगी I इस सब में एक सन्देश छुपा हुआ है की हमारी पृथ्वी संकट में है I पृथ्वी को बचाना हम सब का फ़र्ज़ है I

फैसल खान

मोब. 9914965937

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